नई दिल्ली। देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर बढ़े विवाद और छात्रों की चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, ताकि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो सके।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक Abhishek Singh ने कहा कि एजेंसी छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि NEET-UG परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों के बाद सरकार ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी है।
अभिषेक सिंह ने कहा कि जिन छात्रों ने परीक्षा शुल्क जमा किया था, उन्हें पूरा शुल्क वापस किया जाएगा। साथ ही, NEET-UG परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और इसके लिए विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुनः आयोजित परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कड़ी निगरानी में कराई जाएगी।
उन्होंने कहा, “यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जरा सा भी संदेह हो, तो परीक्षा रद्द करना ही सही निर्णय होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराज़गी देखी गई थी। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जिसके बाद सरकार और जांच एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी।
सरकार ने कहा है कि जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर रही हैं और जल्द ही सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों के भविष्य और मेहनत के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
