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वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2025: तीसरे दिन नवाचार और वैश्विक साझेदारी का महाकुंभ

नई दिल्ली, 28 सितंबर 2025 – वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2025 का तीसरा दिन बना तकनीक, सहयोग और ज्ञान-साझा का जीवंत मंच। यह दिन भारत को वैश्विक खाद्य नवाचार हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम साबित हुआ।


गूंजे तकनीक और इनोवेशन के सुर

पहले दो दिनों की जबरदस्त भागीदारी के बाद तीसरे दिन भी उत्साह बरकरार रहा। अब तक:

मत्स्य पालन विभाग ने विशेष सत्र में “मछुआरों की समृद्धि के लिए मत्स्य तकनीक” पर चर्चाएं कीं। वहीं, सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल बिज़नेस ने पुनर्योजी वनस्पति तेल पर राष्ट्रीय गठबंधन की नींव रखी। बीएल एग्रो ने “राष्ट्र 2025: जोखिम विश्लेषण संगोष्ठी” के जरिए कृषि परिवर्तन की राह दिखायी।


प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अहम एमओयू


अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई उड़ान

भारत ने वैश्विक साझेदारी को और गहरा करने के लिए न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और युगांडा के समकक्षों के साथ अहम G2G बैठकें कीं। इसका मकसद कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में नए अवसरों और सहयोग को बढ़ाना है।


समापन

वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2025 का तीसरा दिन साबित हुआ कि यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सहयोग, नवाचार और निवेश का असली उत्सव है। यह मंच भारत को न सिर्फ अपनी खाद्य अर्थव्यवस्था में क्रांति लाने में मदद कर रहा है, बल्कि दुनिया के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।

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