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स्पॉटलाइट: लद्दाख में विदेशी महिलाओं के “प्रेग्नेंसी टूरिज्म” की चौंकाने वाली कहानी

जब भी Pregnancy Tourism की चर्चा होती है तो दिमाग में अमेरिका या कनाडा जैसे देशों का नाम आता है, जहां गर्भवती महिलाएं बच्चे की जन्म-आधारित नागरिकता (Jus Soli) पाने के लिए यात्रा करती हैं। लेकिन लद्दाख की आर्यन घाटी में प्रेग्नेंसी टूरिज्म की परिभाषा बिल्कुल अलग है। यहाँ मामला नागरिकता या स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा नहीं, बल्कि मिथकों, लोककथाओं और नस्लीय शुद्धता से जुड़ा हुआ है।

ब्रोकपा समुदाय और “शुद्ध आर्यन” की दास्तान

लद्दाख के दाह, हानू, दारचिक, बियामा और गरकॉन गांवों में रहने वाला ब्रोकपा समुदाय खुद को आर्यन वंशज मानता है।

हालांकि इतिहासकारों और Geneticists ने इस दावे को वैज्ञानिक आधार पर खारिज कर दिया है।

 क्या सचमुच आती हैं विदेशी महिलाएं?

स्थानीय कहानियों और कुछ ट्रैवेलॉग्स में दावा किया गया है कि विदेशी महिलाएं यहां आकर आर्यन बच्चे पैदा करना चाहती हैं

 सच्चाई


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