Site icon Hamesha Sakriya

लाखों का लेन-देन, गड़बड़ हिसाब… अब सोनम वांगचुक पर FEMA का साया!

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और आंदोलनकारी नेता सोनम वांगचुक की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को उनकी संस्था SECMOL का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया, और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपना रुख कड़ा कर लिया है। खबर है कि FEMA (Foreign Exchange Management Act) के तहत उनके खिलाफ जांच की तैयारी हो रही है।


NGO के अकाउंट में गड़बड़ी, करोड़ों का सवाल

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक SECMOL ने कई बार FCRA कानून का उल्लंघन किया। जांच में सामने आए कुछ चौंकाने वाले बिंदु:

मंत्रालय का मानना है कि संस्था ने धारा 8(1)(a), 17, 18 और 19 का उल्लंघन किया।


FEMA क्या है और क्यों डरावना है?

FEMA कानून विदेशी मुद्रा और पैसों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखता है। अगर कोई संस्था विदेशी चंदा छिपाकर ट्रांसफर करे, गलत खाते में डाले या विदेश भेजे, तो ED भारी जुर्माना, फंड जब्ती, यहां तक कि मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी शुरू कर सकती है।


वांगचुक का पलटवार और राजनीति की गरमी

सोनम वांगचुक ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र और यूरोप की संस्थाओं से हमें सिर्फ तकनीकी शुल्क मिला। हमने कभी विदेशी दान नहीं मांगा। अब साजिश के तहत सारे आरोप मेरे सिर पर डाले जा रहे हैं।”

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र को घेरते हुए कहा, “यह शासन नहीं, बदले की कार्रवाई है। वांगचुक ने सिर्फ सरकार को उसके ही वादों की याद दिलाई है। क्या राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग करना अपराध है?”


निष्कर्ष
SECMOL के अकाउंट्स में गड़बड़ी और विदेशी फंड के सवालों ने मामले को गंभीर आर्थिक जांच तक पहुंचा दिया है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि ED की अगली चाल क्या होगी और क्या सोनम वांगचुक पर FEMA का शिकंजा और कसता है!

Exit mobile version