नई दिल्ली। गाजा में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित शांति योजना पर तीसरे दिन भी हमास ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, इजरायल ने गाजा सिटी पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। बीते 24 घंटों में गाजा पट्टी में 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकतर गाजा सिटी के नागरिक बताए जा रहे हैं।
हमास पर दबाव, लेकिन चुप्पी बरकरार
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ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि हमास को शांति प्रस्ताव पर विचार करने के लिए 3-4 दिन का समय दिया जाएगा।
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हमास से जुड़े कुछ संगठनों ने इस प्रस्ताव को “आपदा समान” बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इसे मानना स्वतंत्र फिलिस्तीन की मांग छोड़ने जैसा होगा।
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हालांकि, आधिकारिक तौर पर हमास ने अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
इजरायल का सख्त रुख
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इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि हमास को खत्म करने के लिए गाजा पट्टी की घेराबंदी और बढ़ाई जाएगी।
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उनका कहना है कि गाजा सिटी छोड़ने का यह लोगों के लिए आखिरी मौका है, इसके बाद इजरायली सेना “पूरी ताकत से कार्रवाई” करेगी।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में करीब 4 लाख लोग गाजा सिटी छोड़ चुके हैं, जबकि लाखों लोग अब भी वहीं मौजूद हैं।
मानवीय संकट पर UN की चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में तत्काल राहत सामग्री भेजने की अपील की है।
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राहत एजेंसियों का कहना है कि लगातार लड़ाई के कारण गाजा में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो रहे हैं।
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इजरायल का दावा है कि “शहर में खाद्य सामग्री की कोई कमी नहीं है, बल्कि हमास जनता के लिए पहुंचाई जा रही सामग्री को छीनकर उसका भंडारण कर रहा है।”
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इस वजह से गाजा के आम लोगों के लिए हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
कतर की सुरक्षा में अमेरिका
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के लिए आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।
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आदेश के मुताबिक, अमेरिकी सेना किसी भी विदेशी हमले से कतर की रक्षा करेगी।
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माना जा रहा है कि यह निर्णय हाल ही में दोहा पर इजरायल के हवाई हमले के बाद लिया गया है।
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अमेरिकी आदेश सोमवार को ही हस्ताक्षरित हो गया था, लेकिन इसे बुधवार को सार्वजनिक किया गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतरी प्रधानमंत्री से हमले के लिए माफी भी मांगी थी और आश्वासन दिया था कि भविष्य में कतर को निशाना नहीं बनाया जाएगा। कतर ने इसके बाद गाजा को लेकर ट्रंप की शांति योजना का समर्थन किया।
