मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को एक अमेरिकी F-35 Lightning II फाइटर जेट को मार गिराया है। हालांकि ईरान ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि जेट का पायलट उसकी हिरासत में है।
मीडिया रिपोर्ट्स में इससे पहले दावा किया गया था कि विमान गिरने से पहले पायलट ने पैराशूट के सहारे कूदकर अपनी जान बचा ली और वह ईरानी क्षेत्र में कहीं उतरा, जिसके बाद उसे हिरासत में लिए जाने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन तेहरान ने साफ कहा कि किसी अमेरिकी पायलट को पकड़े जाने की खबर सही नहीं है।
ईरानी सेना के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान के पुलों, बिजलीघरों या ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा। उन्होंने कहा, “अगर हमारे बुनियादी ढांचे को छुआ गया, तो हम पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को तबाह कर देंगे।”
इस बीच कथित तौर पर लापता पायलट की तलाश के लिए United States की सेना ने ईरान के Kohgiluyeh and Boyer-Ahmad Province इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस अभियान में Sikorsky UH-60 Black Hawk हेलिकॉप्टर और Lockheed C-130 Hercules सैन्य परिवहन विमान लगाए गए।
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने एक बार फिर चेतावनी दोहराते हुए कहा कि अगर United States और Israel ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज किए, तो जवाब में पूरे मिडिल ईस्ट में उनके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और बढ़ सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
