मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारी बमबारी के बावजूद ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के लगभग 50 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर और कामिकाजे ड्रोन अब भी सुरक्षित हो सकते हैं, जिससे वह क्षेत्र में बड़े हमले करने की क्षमता रखता है।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि कई मिसाइल भंडार ऐसे स्थानों पर हैं जहां अभी तक हमले नहीं पहुंच पाए हैं। कुछ ठिकानों पर बमबारी जरूर हुई, लेकिन कई मिसाइलें भूमिगत सुरंगों या सुरक्षित ठिकानों में होने के कारण पूरी तरह नष्ट नहीं हो सकीं। खुफिया आकलन के अनुसार ईरान के पास अब भी हजारों ड्रोन मौजूद हैं।
मिडिल ईस्ट में हमले जारी
रिपोर्ट के अनुसार ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े सैन्य व आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखा है। तेहरान का कहना है कि उसके औद्योगिक और सैन्य ठिकानों पर पहले अमेरिका और इजरायल ने हमले किए, इसलिए वह जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
बताया जा रहा है कि हाल के हमलों में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजरायल के कुछ औद्योगिक और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पूरे मध्य-पूर्व में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका के हमले और नुकसान का दावा
अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार अब तक ईरान के अंदर हजारों लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं, जिससे उसकी सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि खुफिया रिपोर्ट का कहना है कि इसके बावजूद ईरान के पास अभी भी बड़ी मात्रा में मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो ईरान अपनी बची हुई मिसाइल और ड्रोन क्षमता का इस्तेमाल कर पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का भी मानना है कि तेहरान अभी भी “पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाने की क्षमता” रखता है।
मध्य-पूर्व में जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक सुरक्षा, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
