ईरान युद्ध का असर: वैश्विक बाजार में रोज़ाना 1.2 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई घटी

मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। ताज़ा आकलन के अनुसार संघर्ष के कारण दुनिया भर में करीब 1.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के चलते तेल उत्पादन, भंडारण और समुद्री आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। खास तौर पर Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने से सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

ऊर्जा विश्लेषकों और International Energy Agency से जुड़े आकलनों के मुताबिक इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत तलाशने पड़ सकते हैं। अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

इस पूरे संकट के केंद्र में Iran और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्षेत्र में जल्द शांति नहीं होती, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर इसका असर और गहरा हो सकता है।

ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में आई यह कमी दुनिया भर में ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *