नई दिल्ली, 29 मार्च
मध्य-पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी से बचें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसके साथ ही, घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) पर निर्यात शुल्क भी लगाया गया है।
एलपीजी और गैस आपूर्ति सामान्य
मंत्रालय ने बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और प्रतिदिन 55 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और यह अब संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
घरों और परिवहन के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। केवल मार्च महीने में ही घरेलू और वाणिज्यिक मिलाकर 2.9 लाख से अधिक नए गैस कनेक्शन जोड़े गए हैं।
उद्योगों के लिए गैस आपूर्ति
मंत्रालय के अनुसार, यूरिया संयंत्रों को गैस की आपूर्ति पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 70–75 प्रतिशत पर स्थिर है। आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी और आरएलएनजी की व्यवस्था की जा रही है।
समुद्री क्षेत्र में स्थिति सामान्य
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई है। खाड़ी क्षेत्र में 18 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से संचालित हो रहे हैं, जबकि 900 से अधिक नाविक स्वदेश लौट चुके हैं।
इसके अलावा, लगभग 94 हजार मीट्रिक टन माल लेकर चल रहे दो एलपीजी वाहक भी सुरक्षित रूप से क्षेत्र से गुजर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
विदेश मंत्रालय का अपडेट
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 5.24 लाख से अधिक भारतीय नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। 27 मार्च को अबू धाबी में निधन हुए एक भारतीय नागरिक का पार्थिव शरीर स्वदेश लाया गया है।
ओमान के सलालाह में हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक का इलाज जारी है। भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर छात्रों, श्रमिकों और फंसे यात्रियों को वीजा, यात्रा और अन्य आपातकालीन सहायता प्रदान कर रहा है।
