परिजनों को मिलेगा 4-4 लाख रुपये मुआवजा- सीएम सम्राट चौधरी
आयुष सिंह (स्थानीय संवाददाता)
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में गुरुवार तड़के एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में भयावह रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। अस्पताल के भीतर धुएं का घना गुबार भर गया और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आईसीयू में फंसे मरीज मदद के लिए पुकारते रहे, जबकि उनके परिजन बेबसी से बाहर खड़े अपने प्रियजनों को बचाने की गुहार लगाते रहे। कई लोगों ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग और धुआं पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले चुके थे।
इस भयावह अग्निकांड में कम से कम चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में मातम पसरा हुआ है। अपनों को खो चुके परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जहां मरीज इलाज और जीवन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं सुरक्षा में जरा सी चूक उन्हें मौत के मुंह तक पहुंचा सकती है।
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड ने पांच लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे पर बिहार सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि निजी अस्पताल में आग लगने से हुई जनहानि बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
सरकार ने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हादसे में घायल लोगों के बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ पूरे मामले की जांच में भी जुटा हुआ है।

