नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2025
केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर कैशलेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने “नेशनल हाईवे फ़ी (रेट निर्धारण और संग्रहण) (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2025” को अधिसूचित किया है, जो 15 नवंबर 2025 से लागू होगा।
इस नए नियम के तहत, अगर कोई वाहन बिना वैध या सक्रिय FASTag के टोल प्लाज़ा पर प्रवेश करता है, तो उसे दो तरह के विकल्प मिलेंगे —
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कैश में भुगतान करने पर डबल टोल चार्ज, यानी लागू शुल्क का दो गुना भुगतान करना होगा।
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UPI के ज़रिए डिजिटल पेमेंट करने पर सिर्फ 1.25 गुना टोल शुल्क देना होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी वाहन की सामान्य टोल राशि ₹100 है, तो —
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कैश पेमेंट पर ₹200 देना होगा,
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जबकि UPI पेमेंट पर सिर्फ ₹125 देना होगा।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
यह संशोधन सरकार के उस लक्ष्य को आगे बढ़ाता है, जिसमें हाईवे पर कैश ट्रांज़ैक्शन खत्म करने और डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन देने की नीति शामिल है। इससे न केवल टोल वसूली में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि टोल प्लाज़ा पर लगने वाली भीड़ और समय की बर्बादी भी कम होगी।
सरकार का मानना है कि इस नियम से डिजिटल पेमेंट के उपयोग में तेजी आएगी और नेशनल हाईवे उपयोगकर्ताओं के लिए यात्रा का अनुभव और आसान हो जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम डिजिटल इकोनॉमी को मज़बूत करेगा और FASTag सिस्टम के समानांतर UPI को एक वैकल्पिक सुरक्षित भुगतान माध्यम के रूप में स्थापित करेगा।
मुख्य बिंदु (Highlights):
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नया नियम 15 नवंबर 2025 से लागू होगा।
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बिना FASTag वाहनों को अब कैश भुगतान पर 2 गुना शुल्क देना होगा।
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UPI पेमेंट पर सिर्फ 1.25 गुना शुल्क देना होगा।
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लक्ष्य: डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन, पारदर्शिता, और सुविधाजनक यात्रा अनुभव।
