दिल्ली में ‘स्वदेशी उत्सव 2025’ की धूम: सीएम रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ, बोलीं – “वोकल फॉर लोकल भारत का आत्मविश्वास है

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2025:
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज कर्तव्य पथ पर दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित ‘स्वदेशी उत्सव 2025’ का शुभारंभ किया। यह उत्सव 11 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें भारत की परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिलेगी।

“यह उत्सव भारत के आत्मविश्वास और स्वाभिमान का प्रतीक है”

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “स्वदेशी उत्सव भारत के आत्मविश्वास, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव है। ‘वोकल फॉर लोकल’ का अर्थ सिर्फ छोटे उद्योगों तक सीमित नहीं, बल्कि रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत को अब दुनिया का उत्पादक केंद्र बनना होगा — ताकि देश अपनी जरूरतें खुद पूरी करे और वैश्विक स्तर पर “Made in India” को एक विश्वसनीय ब्रांड के रूप में स्थापित करे।

“हम वर्षों से विदेशी ब्रांड्स पर निर्भर हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि भारतीय ब्रांड्स को विश्व मंच पर पहचान मिले,”
सीएम रेखा गुप्ता

 दिल्ली सरकार का ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार का ‘स्वदेशी अपनाओ अभियान’ लोगों को स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहा है।

उन्होंने कहा, “स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक शक्तिशाली साधन है। यदि हम 100% स्वदेशी को अपनाते हैं, तो कोई दूसरा देश हमारी ओर टेढ़ी नजर से नहीं देख सकता।”

 दीपावली पर स्वदेशी खरीदने की अपील

मंत्री सिरसा ने नागरिकों से अपील की कि वे दीपावली जैसे त्योहारों पर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, “अगर आप प्रभु श्रीराम की खुशियाँ प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दीपावली स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदें — यही भारत माता की सबसे बड़ी सेवा होगी।”

 ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘ग्लोबल फॉर लोकल’ की ओर

स्वदेशी उत्सव में भारत की मिट्टी की खुशबू, देशी हस्तशिल्प की सुंदरता और स्थानीय कारीगरों की मेहनत झलक रही है। इस पहल का उद्देश्य न सिर्फ स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देना है, बल्कि भारत की पहचान को वैश्विक ब्रांडिंग देना भी है।


मुख्य आकर्षण

  • दिल्ली सरकार का ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान केंद्र में

  • स्थानीय कारीगरों और उद्योगों की भागीदारी

  • प्रदर्शनी में पारंपरिक हस्तशिल्प, कपड़े और जैविक उत्पादों की झलक

  • 11 अक्टूबर तक जनता के लिए खुला रहेगा ‘स्वदेशी उत्सव 2025’


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *