नई दिल्ली, 28 सितंबर
के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जब वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 ने निवेश प्रतिबद्धताओं का नया इतिहास रच दिया। चार दिनों तक चले इस मेगा इवेंट में 1.02 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए, जिससे देशभर में खाद्य प्रसंस्करण के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
बड़े नाम, बड़े वादे
26 दिग्गज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इस अवसर पर अपने निवेश की मुहर लगाई। इनमें शामिल हैं:
- रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कोका-कोला सिस्टम, नेस्ले इंडिया, अमूल, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, पेप्सीको, डाबर, पतनजलि, और गोदरेज एग्रोवेट जैसी नामी कंपनियां।
इन कंपनियों ने डेयरी, मांस एवं पोल्ट्री, रेडी-टू-ईट फूड, मसाले, कन्फेक्शनरी, पेय पदार्थ और फल-सब्ज़ियों जैसे कई सेक्टर्स में निवेश करने का वादा किया है।
रोजगार का नया दौर
इन निवेशों से 64,000+ प्रत्यक्ष और 10 लाख+ अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है। किसानों, उद्यमियों और स्थानीय समुदायों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं।
पूरे भारत में निवेश की बौछार
निवेश सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी, पंजाब, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के हर कोने तक इसका असर पहुंचेगा। इससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमों को भी सीधा लाभ होगा।
भारत बनेगा ग्लोबल फूड हब
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और इन्वेस्ट इंडिया की साझेदारी में हुए इस आयोजन ने भारत को वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है।
निष्कर्ष:
वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 ने यह साबित कर दिया है कि भारत न केवल खाद्य प्रसंस्करण का भविष्य है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक मजबूत नेतृत्वकर्ता भी है। आने वाले समय में यह निवेश देश की अर्थव्यवस्था और रोज़गार दोनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
