निफ्टम-के का हनी पाउडर: शहद का नया, शुद्ध और सुविधाजनक स्वरूप

शहद भारतीय परंपरा में न केवल एक प्राकृतिक मिठास के रूप में, बल्कि एक प्रभावी औषधीय तत्व के रूप में भी सदियों से प्रतिष्ठित रहा है। किन्तु इसकी तरल अवस्था में चिपचिपाहट, भंडारण में असुविधा और समय के साथ क्रिस्टलीकरण जैसी व्यावहारिक समस्याएं उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती हैं।

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए निफ्टम-के (राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान – कुंडली) के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष, डॉ. रजनी चोपड़ा ने शहद को एक नवीन, सुविधाजनक और टिकाऊ रूप में प्रस्तुत करते हुए “हनी पाउडर” का विकास किया है। यह पाउडर बिना किसी कृत्रिम संरक्षक या रसायन के तैयार किया गया है और यह शहद के पारंपरिक स्वाद, सुगंध और औषधीय गुणों को पूरी तरह बरकरार रखता है।

डॉ. चोपड़ा के अनुसार, “हनी पाउडर तरल शहद की समस्याओं जैसे चिपचिपाहट, नमी सोखने की प्रवृत्ति और सीमित शेल्फ लाइफ का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है। यह हल्का, शुष्क और भंडारण व परिवहन में अत्यंत सुविधाजनक है।”

स्वास्थ्य की दृष्टि से यह उत्पाद विशेष रूप से लाभकारी है — इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर की मात्रा अधिक, जिससे यह पाचन में सहायक, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला, त्वचा के लिए लाभदायक और ऊर्जा का त्वरित स्रोत बन जाता है।

हनी पाउडर का उपयोग हर्बल चाय मिश्रण, बेकरी उत्पाद, हेल्थ सप्लीमेंट्स, इंस्टेंट ड्रिंक्स और अन्य खाद्य उत्पादों में एक प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में किया जा सकता है। इसका उपयोग व्यक्तिगत उपभोक्ताओं से लेकर खाद्य उद्योग और निर्यात तक व्यापक स्तर पर संभव है।

निफ्टम-कुंडली के निदेशक, डॉ. हरेंद्र ओबरॉय ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि, “यह उत्पाद न केवल भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतर विकल्प प्रदान करेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी देश के पारंपरिक खाद्य ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की दिशा में एक अहम कदम है।”

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