मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया के कई देशों को खुली चुनौती दे दी है। उन्होंने कहा कि जो देश फारस की खाड़ी से तेल लेते हैं, उन्हें खुद आगे आकर **Strait of Hormuz को सुरक्षित करना चाहिए।
दुनिया को ट्रंप का संदेश – “अपना तेल खुद लो”
ईरान संकट के बीच ट्रंप ने उन देशों पर निशाना साधा जो अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ देशों को तेल की जरूरत है तो वे होर्मुज़ जलडमरूमध्य से खुद जाकर तेल हासिल करें या फिर अमेरिका से खरीदें।
ट्रंप के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी आक्रामक माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने सहयोगी देशों से भी साफ कहा कि अमेरिका अकेले इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा।
क्यों अहम है होर्मुज़ जलडमरूमध्य
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
- वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
- एशिया के कई देश—जैसे भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया—ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
सहयोगियों से भी नाराज़ अमेरिका
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों की आलोचना की है क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में अपेक्षित समर्थन नहीं दिया।
इससे पहले अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए सैन्य सहयोग मांगा था, लेकिन कई देशों ने सीधे शामिल होने से इनकार कर दिया था।
वैश्विक बाजार पर असर
ईरान संकट और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चला तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, ईरान संकट के बीच ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नए विवाद को जन्म दे सकता है और दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
