मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच तनाव और बढ़ गया है। कुवैत स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर ईरान ने देर रात ड्रोन हमला कर दिया, जिसमें करीब 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाकर यह हमला किया गया। यह एयरबेस अमेरिकी सेना के लिए खाड़ी क्षेत्र में एक अहम ऑपरेशन सेंटर माना जाता है। हमले के बाद बेस पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घायल हुए अधिकांश सैनिकों की हालत स्थिर है और कई फिर से ड्यूटी पर लौट आए हैं।
ड्रोन से किया गया हमला
सूत्रों के अनुसार ईरान की ओर से भेजे गए ड्रोन ने रात के समय एयरबेस के आसपास धमाके किए। धमाकों से बेस के कुछ हिस्सों को नुकसान भी पहुंचा। हालांकि अमेरिकी सेना ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचाया गया।
युद्ध की आग में घिरता मिडिल ईस्ट
विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला अमेरिका-ईरान टकराव के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में कई सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
दरअसल, फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान ने कई बार कुवैत और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में पहले भी सैनिक घायल हुए हैं और कुछ सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
वैश्विक चिंता बढ़ी
मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर तेल सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
