मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लेबनान में जारी इजरायली हमलों के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में तत्काल युद्धविराम नहीं होता, तब तक वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौते के लिए तैयार नहीं होगा। ईरान ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य हमलों और हिजबुल्लाह लड़ाकों की मौतों को लेकर वह बेहद नाराज़ है।
इसी बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण करने की भी बात कही है। साथ ही पाकिस्तान को संदेश दिया गया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में संभावित वार्ता के लिए तब तक नहीं जाएगा, जब तक लेबनान पर हो रहे हमले पूरी तरह बंद नहीं हो जाते।
उधर लेबनान में इजरायली हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है। ताज़ा हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे कई निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मिसाइल हमलों के कारण कई इमारतें ढह गईं और कई लोग मलबे में फंस गए।
लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि दर्जनों लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं।
सीमा पर बढ़ते इस सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।
