अमेरिका की कार्रवाई से भड़का ईरान, ‘जवाबी हमला’ की चेतावनी—तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा संकट
वॉशिंगटन/तेहरान:
मध्य-पूर्व में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका ने एक ईरानी जहाज को जब्त कर लिया है, जिसके बाद हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही टकराव चरम पर है।
क्या हुआ हॉर्मुज में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने उस ईरानी कार्गो जहाज को कब्जे में लिया जो कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
- जहाज को चेतावनी दी गई
- चेतावनी न मानने पर कार्रवाई
- फिर मरीन कमांडो ने जहाज को अपने कब्जे में लिया
यह इस संकट के दौरान अमेरिका की पहली बड़ी सीधी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
ईरान का कड़ा जवाब
अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरान भड़क गया है।
- इसे “समुद्री डकैती” करार दिया
- जल्द जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
- तनाव और बढ़ने के संकेत
यानी अब हालात सीधे टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।
दुनिया क्यों चिंतित?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य कोई साधारण समुद्री रास्ता नहीं है—
- दुनिया का करीब 20% तेल यहीं से गुजरता है
- पहले ही कई जहाजों पर हमले और रुकावटें
- तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित
अगर हालात और बिगड़े, तो वैश्विक तेल संकट गहरा सकता है।
पहले से सुलग रहा है संघर्ष
- अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है
- ईरान ने जवाब में कई बार हॉर्मुज को बंद करने की कोशिश की
- दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात
इस बीच, कई जहाजों को रास्ते से वापस लौटना पड़ा और ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
– क्या अमेरिका आगे और कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा?
– क्या ईरान अपने ‘जवाबी हमले’ की धमकी को अंजाम देगा?
फिलहाल, दुनिया की नजर हॉर्मुज पर टिकी है… क्योंकि यहां की हर हलचल पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है।
