धमकियों के बीच बातचीत का रास्ता, ट्रंप बोले—“डील नहीं तो तबाही तय”
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद:
दुनिया की निगाहें एक बार फिर मध्य-पूर्व पर टिक गई हैं। बढ़ते तनाव, तेल संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव के बीच अमेरिका और ईरान अब फिर बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोबारा वार्ता करेंगे।
धमकी भी, बातचीत भी
ट्रंप का अंदाज इस बार भी सख्त है। उन्होंने साफ कहा—अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट, पुल और बड़े ढांचे निशाने पर होंगे।
यानी एक तरफ बातचीत की कोशिश, तो दूसरी तरफ खुली चेतावनी—दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
हॉर्मुज बना ‘हॉटस्पॉट’
तनाव की असली जड़ है हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है।
- ईरान ने इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया है
- कई जहाजों पर हमले की खबरें
- वैश्विक तेल सप्लाई पर असर
इस वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
पहले भी हुई थी बातचीत, पर नतीजा अधूरा
इससे पहले इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। हालांकि कुछ मुद्दों पर हल्की प्रगति जरूर हुई थी, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जैसे अहम मुद्दे अटके रहे।
अब नई वार्ता से उम्मीदें तो हैं, लेकिन भरोसा कम दिख रहा है।
दुनिया क्यों चिंतित?
- हॉर्मुज से गुजरता है दुनिया का बड़ा तेल
- रास्ता बंद तो तेल कीमतें आसमान पर
- युद्ध बढ़ा तो वैश्विक संकट तय
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस्लामाबाद में होने वाली इस नई बातचीत पर है।
क्या दोनों देश समझौते तक पहुंचेंगे?
या फिर धमकियों का दौर असली युद्ध में बदल जाएगा?
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि एक चिंगारी पूरी दुनिया को झटका दे सकती है।
