दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान, कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
नई दिल्ली, ए आबिद
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान आज 29 अप्रैल को 142 सीटों पर हो रहा है। इस चरण में राज्य की राजनीति के कई बड़े चेहरे मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज बन गया है।
इस चरण में करीब 3.2 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि 1400 से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
किन क्षेत्रों में हो रहा मतदान
दूसरे चरण में दक्षिण बंगाल और कोलकाता सहित कई अहम जिलों की सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इनमें नदिया, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
प्रमुख उम्मीदवार और हाई-प्रोफाइल सीटें
इस चरण में कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर लगी है।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
- विपक्ष के प्रमुख नेता शुभेंदु अधिकारी
- अरोप बिस्वास (टॉलीगंज)
- सुजीत बोस (बिधाननगर)
- फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट)
इसके अलावा फिल्म और कला जगत से जुड़े कुछ उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
पार्टियों के बीच सीधा मुकाबला
इस चरण में मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC), भारतीय जनता पार्टी (BJP), वाम दल (CPI(M) आदि के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कई सीटों पर त्रिकोणीय और बहुकोणीय लड़ाई भी है, जिससे परिणामों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। लाखों केंद्रीय बलों और हजारों राज्य पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। जहां एक ओर ममता बनर्जी ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए, वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया।
क्यों अहम है यह चरण
दूसरा चरण पूरे चुनाव का निर्णायक चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ राज्य की सभी 294 सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है। भारी मतदान, कड़ी सुरक्षा और बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इसे हाई-स्टेक मुकाबला बना दिया है। अब देखना होगा कि जनता किसे सत्ता की कमान सौंपती है।
