नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) में किए गए बदलाव “अगली पीढ़ी के लिए सुधार” हैं, जो न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे बल्कि आम लोगों को भी राहत पहुंचाएंगे।
जीएसटी की नई दरें लागू
आज से जीएसटी की नई कर संरचना लागू हो गई है। 12% और 28% के पुराने स्लैब हटाकर अब केवल 5% और 18% के दो स्लैब रहेंगे। विलासिता के उत्पादों को छोड़कर लगभग सभी वस्तुएं और सेवाएं इन दरों में शामिल होंगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि कई रोज़मर्रा की वस्तुएं जैसे खाद्य पदार्थ, औषधि, साबुन, टूथपेस्ट, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा जैसी सेवाएं या तो करमुक्त होंगी या केवल 5% कर के दायरे में रहेंगी।
“बचत उत्सव” और उपभोग आधारित वृद्धि
नवरात्रि के पहले दिन लागू इन सुधारों को प्रधानमंत्री ने “बचत उत्सव” का नाम दिया। उनका कहना है कि कर दरों में कटौती से दैनिक उपभोग की वस्तुएं सस्ती होंगी और उपभोग आधारित आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी। होटल चार्ज कम होने से आम लोगों के लिए घूमना-फिरना भी आसान होगा।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सुधार “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। उन्होंने बताया कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही उनकी सरकार ने राज्यों और हितधारकों के साथ परामर्श कर कर प्रणाली को सरल बनाने और “एक देश, एक कर” का सपना साकार करने पर काम किया।
हर वर्ग को लाभ
मोदी ने जोर देकर कहा कि ये बदलाव युवाओं, किसानों, महिलाओं, दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों सभी के लिए व्यापक लाभ लेकर आएंगे। सरकार द्वारा 12 लाख रुपये तक की आय को करमुक्त करने से मध्यम वर्ग को भी बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने गर्व से बताया कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
स्वदेशी निर्माण पर बल
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने “नागरिक देवो भव:” का मंत्र देते हुए स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश का विनिर्माण उत्कृष्टता के सभी मानकों पर खरा उतरना चाहिए और हर दुकान स्वदेशी वस्तुओं से सजी होनी चाहिए। सभी राज्य सरकारों से भी उन्होंने विनिर्माण बढ़ाकर आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियान को गति देने की अपील की।
दुकानदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
मोदी ने यह भी साझा किया कि जीएसटी सुधारों को लेकर व्यापारी और दुकानदार उत्साहित हैं। कई जगहों पर सुधारों से पहले और बाद के मूल्यों की तुलना दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभ देख सकें।
इन व्यापक बदलावों के साथ प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तो आत्मनिर्भर भारत का सपना अवश्य साकार होगा।
