नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े नियमों को सरल बनाने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को पहले 7 अक्टूबर को आयोजित किया जाना था, लेकिन इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।
बैठक में करदाताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और अधिक स्वचालित बनाने, जीएसटी पंजीकरण को आसान करने तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर रहने की उम्मीद है। प्रस्तावों का उद्देश्य कारोबारियों के लिए अनुपालन का समय और लागत कम करना है।
छोटे कारोबारियों को राहत देने पर भी मंथन
जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल और कारोबारी अनुकूल बनाने के लिए छोटे एवं कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने और ई-कॉमर्स के माध्यम से कारोबार करने वाले छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए अनुपालन संबंधी दिक्कतें कम करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा, जीएसटी से जुड़े कुछ अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने और कर अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों की समीक्षा का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल होने की संभावना है। इसका उद्देश्य कर प्रशासन को अधिक भरोसेमंद और करदाता-अनुकूल बनाना है।
दरों में बदलाव पर नजर
56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी की चार-स्तरीय दर संरचना को सरल करते हुए 5 और 18 प्रतिशत की दो मुख्य दरों तथा चुनिंदा वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत की विशेष दर की व्यवस्था की गई थी।
57वीं बैठक में मुख्य फोकस प्रक्रिया संबंधी सुधारों पर रहने की उम्मीद है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कर प्रावधानों और आईटीसी से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है।
सरकार का व्यापक उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और कारोबार के लिए सुगम बनाना है, ताकि करदाताओं को अनुपालन में कम समय और लागत लगे तथा कर प्रणाली में भरोसा और स्थिरता बढ़े।
