- ट्रंप की एयरस्ट्राइक धमकियों के बीच पावर प्लांट के सामने बैठकर ईरानी कलाकार ने छेड़ी शांति की धुन।
- मिसाइलों के साये में संगीत—दमावंद पावर प्लांट पर ‘तार’ बजाकर दिया दुनिया को अनोखा संदेश।
एक तरफ युद्ध की आहट, मिसाइलों की धमकी और बढ़ता वैश्विक तनाव… और दूसरी तरफ शांति की धुन। ईरान में ऐसा ही एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ईरान के मशहूर संगीतकार अली घमसारी तेहरान के पास स्थित दमावंद पावर प्लांट के सामने बैठ गए और अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘तार’ पर मधुर धुनें बजाने लगे। यह वही समय था जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अहम बुनियादी ढांचे—जैसे पावर प्लांट और पुल—पर हमले की धमकी दी थी।
दमावंद पावर प्लांट ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्रों में से एक माना जाता है और यह तेहरान की लगभग आधी बिजली की जरूरत पूरी करता है। ऐसे संवेदनशील स्थान के सामने बैठकर संगीत बजाना अपने आप में एक प्रतीकात्मक संदेश था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में घमसारी शांत भाव से तार बजाते दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि वे कुछ समय तक वहीं रहकर संगीत बजाएंगे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि युद्ध के माहौल में भी कला और शांति की आवाज जिंदा है।
दरअसल, ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई रणनीतिक ठिकानों पर हमले की आशंका जताई जा रही है। इसी माहौल में घमसारी का यह कदम सिर्फ एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि युद्ध के खिलाफ एक सांस्कृतिक प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है।
कई लोगों ने इसे “संगीत के जरिए शांति की अपील” बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह दुनिया को याद दिलाता है कि संघर्ष के बीच भी इंसानियत और संस्कृति की आवाज दबाई नहीं जा सकती।
