प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में मंगलवार को 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं रेल, सड़क, जल, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि देश की महिला शक्ति “विकसित भारत” की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना एक प्रमुख लक्ष्य है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये ट्रेनें वाराणसी को पुणे (हडपसर) और अयोध्या को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से जोड़ेंगी। इन सेवाओं से यात्रियों को किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प मिलेगा, साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
बनारस-पुणे रेल सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान होगी, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्रीराम मंदिर क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा। इन नई ट्रेनों के शुरू होने के साथ अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने गंगा नदी पर रेल-सड़क पुल निर्माण और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच आसान बनेगी।
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान बुधवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे हरदोई जाएंगे, जहां वे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। लगभग 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे से प्रदेश में परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
