UP Transfer Policy 2026: योगी कैबिनेट से आज मिल सकती मंजूरी, 8 जिलों के DM समेत 38 IAS अफसरों का तबादला

16 लाख कर्मचारियों के लिए अलर्ट! योगी सरकार लागू करेगी नई ट्रांसफर पॉलिसी


ए. आबिद, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी सरकार की नई तबादला नीति 2026 को आज कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इसी के साथ राज्य में बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है। सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साल 2026-27 की ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी मिलेगी। एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से जमे कर्मचारियों को हटाया जाएगा। समूह क व ख के 20 और समूह गव घ के 10 प्रतिशत कर्मचारियों के तबादले हो सकते हैं। विभागीय मंत्रियों के अनुमोदन से मई के अंत तक ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

38 IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

राज्य सरकार ने देर रात 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, वहीं कई जिलों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

8 जिलों के बदले DM

इस प्रशासनिक बदलाव के तहत 8 जिलों में जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है। जिन जिलों में नए डीएम नियुक्त किए गए हैं, उनमें देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, संभल और प्रतापगढ़ शामिल हैं।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

  • मधुसूदन हुल्गी को देवरिया का डीएम बनाया गया
  • सैमुअल पाल एन को जौनपुर की जिम्मेदारी
  • आनंद वर्धन को मऊ का जिलाधिकारी
  • गौरव सिंह सोगरवाल को महाराजगंज
  • संतोष कुमार शर्मा को फिरोजाबाद
  • राजेंद्र पेंसिया को मुरादाबाद
  • अंकित खंडेलवाल को संभल
  • अभिषेक पांडेय को प्रतापगढ़ का डीएम बनाया गया

रिंकू सिंह राही की वापसी चर्चा में

इस ट्रांसफर लिस्ट में चर्चित अधिकारी रिंकू सिंह राही का नाम भी शामिल है। इस्तीफा वापस लेने के बाद उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में नई तैनाती दी गई है।

तबादला नीति 2026: क्या है खास

नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाएगा, जो लंबे समय से एक ही जिले या मंडल में तैनात हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, 3 साल से अधिक समय तक एक जिले और 7 साल तक एक मंडल में रहने वाले अधिकारियों का तबादला अनिवार्य किया जा सकता है।

प्रशासनिक सुधार पर फोकस

सरकार का मानना है कि इस बड़े स्तर के फेरबदल से प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी और जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। नए अधिकारियों की तैनाती से शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होने की उम्मीद है।


निष्कर्ष

यूपी में तबादला नीति 2026 और IAS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके असर राज्य की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं पर साफ दिखाई दे सकते हैं।

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