कानपुर से शुरू हुआ ‘I Love Mohammed’ पोस्टर विवाद अब पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है। 4 सितंबर को बरावफात जुलूस (मीलाद उन-नबी) के दौरान कुछ लोगों ने सड़क पर ‘I Love Mohammed’ लिखे बोर्ड लगाए, जिसने स्थानीय हिंदू संगठनों को चौंका दिया। इसे नई परंपरा बताते हुए आपत्तियाँ उठीं और देखते-ही-देखते मामला इतना गर्माया कि पुलिस को हस्तक्षेप कर पोस्टर हटाने पड़े।
देशभर में फैल गया पोस्टर वॉर
कानपुर से उठी ये चिंगारी अब वाराणसी, बरेली, मुंबई समेत कई राज्यों तक फैल गई है। इसके जवाब में हिंदू संतों ने ‘I Love Mahadev’ अभियान शुरू कर दिया, जिससे दोनों ओर से पोस्टर वॉर तेज़ हो गया और धार्मिक तनाव बढ़ने लगा।
बीजेपी की कड़ी हिदायत
मामले के तूल पकड़ने पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का शीर्ष नेतृत्व हरकत में आ गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने अपने केंद्रीय मंत्रियों और सभी नेताओं को सख़्त निर्देश दिए हैं—
“किसी भी विवादित मुद्दे पर बिना अनुमति एक शब्द भी न बोलें।”
बीजेपी ने साफ़ कर दिया है कि अनावश्यक बयानबाज़ी से बचें, ताकि माहौल और न बिगड़े।
नतीजा
जहां एक ओर देश में पोस्टर वॉर का पारा चढ़ा है, वहीं बीजेपी ने अपने नेताओं को संयम बरतने की नसीहत दी है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि यह विवाद कब और कैसे शांत होता है, या फिर आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।
