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हॉर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान संकट और वैश्विक हालात पर हुई चर्चा
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सीजफायर के बाद पहली बार अहम बातचीत, भारत-अमेरिका साझेदारी पर भी जोर
नई दिल्ली:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान की अगुआई में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के विफल होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi को फोन किया। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का मुद्दा प्रमुख रहा।खबरों के मुताबिक, इस बातचीत से पहले इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चली लंबी वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर खास चर्चा
फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
अमेरिका-ईरान तनाव और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है।
ट्रंप ने दिया पश्चिम एशिया का अपडेट
सूत्रों के अनुसार, Donald Trump ने पीएम मोदी को पश्चिम एशिया में चल रहे हालात की पूरी जानकारी दी। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए दबाव, नौसैनिक गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन लगातार भारत के साथ इस मामले में संपर्क बनाए हुए है और उसे अहम साझेदार के रूप में देख रहा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर भी फोकस
फोन बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने भी कहा कि दोनों देश “Comprehensive Global Strategic Partnership” को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्यों अहम है यह कॉल?
- पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता फेल होने के तुरंत बाद बातचीत
- ईरान संकट और वैश्विक तेल सप्लाई पर असर
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर फोकस
- भारत को क्षेत्रीय कूटनीति में अहम भूमिका
निष्कर्ष
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता के असफल होने के बाद ट्रंप का सीधे पीएम मोदी को फोन करना यह दिखाता है कि भारत को वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भारत की भूमिका और भी अहम हो सकती है।
PM मोदी को ट्रंप का फोन: पाकिस्तान की अगुआई में शांति वार्ता फेल, फिर सीधे मोदी से की 40 मिनट बात
