नेपाल में जन-जागरण: सिविल सोसाइटी ने जनरेशन Z से लोकतांत्रिक मार्ग अपनाने की अपील

काठमांडू | 11 सितम्बर 2025

नेपाल इस समय राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुजर रहा है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने बयान जारी कर कहा है कि वे संवैधानिक दायरे में रहते हुए देश की मौजूदा चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए लगातार परामर्श और प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच, कई सिविल सोसाइटी संगठनों ने जनरेशन Z (Gen Z) से देश की मौजूदा परिस्थितियों का लोकतांत्रिक समाधान खोजने और राष्ट्रपति के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने की अपील की है।

सिविल सोसाइटी की अपील

बृहत नागरिक आंदोलन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राष्ट्रपति, जो संविधान के संरक्षक हैं, के संरक्षण में Gen Z को सफलता का मार्ग तलाशना चाहिए।

डेमोक्रेटिक थॉट सोसाइटी ने सभी सिविल सोसाइटी संगठनों से शांतिपूर्ण संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से एकजुट होकर समाधान निकालने का आह्वान किया।

सीपीएन (यूएमएल) ने भी केंद्रीय सचिवालय की ओर से बयान जारी कर संविधान और लोकतांत्रिक उपायों के अनुरूप देश को राजनीतिक समाधान देने की जरूरत बताई।

सुरक्षा और कर्फ़्यू की स्थिति

काठमांडू घाटी में कर्फ़्यू 12 सितम्बर सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा।

कोशी प्रांत के मोरंग, बागमती के चितवन और गंडकी प्रदेश के पोखरा में भी विभिन्न समय तक निषेधाज्ञा लागू है।

रुपन्देही में कर्फ़्यू को आज शाम 7 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

आंदोलन और हालात

प्रदर्शनकारी युवा प्रतिनिधि वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधि चुनने की तैयारी में हैं।

Gen Z के युवाओं ने सड़कों पर सफाई अभियान में भाग लिया है।

आगजनी से प्रभावित सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी भी दस्तावेज़ एकत्र करने और क्षतिग्रस्त ढांचे को व्यवस्थित करने में सक्रिय हैं।

त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा फिर से खोल दिया गया है और वैध टिकट वाले पर्यटकों को सुरक्षा बलों की मदद से हवाई अड्डे तक पहुँचाया जा रहा है।

हताहत और हिंसक घटनाएँ

सप्तरी जिला कारागार से 192 कैदियों के भागने की कोशिश को रोका गया।

रामेछाप में झड़पों में 2 लोगों की मौत हुई।

अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार, Gen Z प्रदर्शनों में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है और 11,000 से अधिक घायल विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं।

निष्कर्ष

नेपाल के मौजूदा हालात गंभीर हैं, परंतु सिविल सोसाइटी और राष्ट्रपति की अपील लोकतांत्रिक समाधान की दिशा में उम्मीद की किरण दिखा रही है। युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी और शांतिपूर्ण संवाद देश को संवैधानिक और स्थायी राजनीतिक रास्ता दिला सकती है।

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