UN तक पहुंची आवाज, लाखों को मिली प्रेरणा; जानिए कौन हैं शगुन जैन

जब बाकी लोग सिर्फ पढ़ाई में व्यस्त थे, तब शगुन जैन अपना भविष्य बना रही थीं


गौरव शुक्ला 

कुछ लोग डिग्री लेने के लिए कॉलेज जाते हैं।
कुछ लोग दुनिया बदलने का सपना लेकर निकलते हैं।
और फिर आती हैं Shagun Jain — जिन्होंने 22 साल की उम्र से पहले ही वो हासिल कर लिया, जिसके बारे में ज्यादातर लोग सिर्फ सोचते हैं।

नई दिल्ली से लेकर एडिनबर्ग तक का उनका सफर सिर्फ अकादमिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जुनून, नेतृत्व और बदलाव की ताकत का उदाहरण बन चुका है।

स्कूल में थीं… और UN तक पहुंच गई आवाज

जब ज्यादातर छात्र अपने बोर्ड एग्जाम की तैयारी कर रहे थे, तब शगुन जैन पर्यावरण और सामाजिक बदलाव के लिए अभियान चला रही थीं। उन्होंने स्कूल के दिनों में ही stubble burning के खिलाफ एक कैंपेन शुरू किया, जिसने 3,500 से ज्यादा लोगों का समर्थन जुटाया।

यह अभियान केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। इसकी गूंज UN Youth Forum तक पहुंची और भारत की अदालत में चल रहे एक कानूनी मामले को भी समर्थन मिला।

इंटर्न थीं… लेकिन काम करोड़ों वाली सोच जैसा

एडिनबर्ग पहुंचने के बाद भी शगुन का सफर नहीं रुका। उन्होंने एक स्टार्टअप में इंटर्न रहते हुए उस रिपोर्ट को डिजाइन करने में अहम भूमिका निभाई, जिसने £30,000 का प्रतिष्ठित Converge Award जीता।

वहीं, Mademoiselle Macaron में उनकी मार्केटिंग रणनीति ने 88% sales uplift और 118% revenue growth दर्ज की। इतनी कम उम्र में इस स्तर का बिजनेस प्रभाव किसी प्रोफेशनल उपलब्धि से कम नहीं माना जाता।

सात प्रोफेशनल रोल, चार लीडरशिप पोजिशन

चार सालों में शगुन ने सात अलग-अलग पेशेवर भूमिकाओं में काम किया। Creative Designer से लेकर Founder’s Associate और Enterprise Educators UK में Events & Marketing Officer तक, हर भूमिका उन्होंने अपने दम पर हासिल की।

सिर्फ प्रोफेशनल लाइफ ही नहीं, उन्होंने यूनिवर्सिटी की कई सोसाइटीज़ में नेतृत्व भी संभाला और सामाजिक कार्यों के लिए £5,943 से ज्यादा फंड जुटाए। उनकी लीडरशिप और प्रोफेशनल डेवलपमेंट को Student Association ने दो बार सम्मानित भी किया।

अपनी सोच से बनाया खुद का प्लेटफॉर्म

शगुन ने केवल दूसरों के लिए काम नहीं किया, बल्कि अपनी सोच को प्लेटफॉर्म का रूप भी दिया।

उन्होंने Unearth.ish नाम से sustainability और climate activism पर आधारित प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसने हजारों लोगों तक अपनी पहुंच बनाई।

इसके बाद उन्होंने Conscious Collective Studio लॉन्च किया, जहां creatives और freelancers को ethical branding सिखाई जाती है। उनका मानना है कि लोगों को अपनी पहचान छिपाकर नहीं, बल्कि उसी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उनकी एक छात्रा ने इस कोर्स के बारे में कहा:

“मैं छह branding courses कर चुकी हूं, लेकिन यह पहला course था जिसने मुझे फिर से ‘खुद जैसा’ महसूस कराया।”

डिग्री मिली… लेकिन तब तक वो उससे कहीं आगे निकल चुकी थीं

2025 में शगुन जैन ने University of Edinburgh से First Class Honours के साथ graduation पूरी की। लेकिन तब तक उनकी पहचान केवल एक छात्रा की नहीं रही थी।

वह एक entrepreneur, changemaker, leader और उन युवाओं की प्रेरणा बन चुकी थीं, जो मानते हैं कि उम्र कभी भी बड़े सपने देखने की सीमा तय नहीं करती।

 

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