हिंदी को सहज बनाने और मातृभाषाओं को बढ़ावा देने का गृह मंत्री का संदेश

गांधीनगर, गुजरात – हिंदी दिवस और पाँचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों से अपील की कि वे मातृभाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी को और सरल बनाने और उसके साथ क्षेत्रीय भाषाओं के सह-अस्तित्व को बढ़ावा दें।

हिंदी के प्रसार के लिए नए कदम

गृहमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने हिंदी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए ‘सारथी मंच’ और ‘हिंदी शब्द सिंधु कोष’ की शुरुआत की है। उनका विश्वास है कि 2029 तक हिंदी शब्द सिंधु कोष दुनिया का सबसे बड़ा विश्वकोश बन जाएगा।

विज्ञान और न्याय की भाषा बने हिंदी

अमित शाह ने कहा कि हिंदी को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, न्याय और पुलिस की भाषा के रूप में भी विकसित करना होगा। उन्होंने अभिभावकों से घरों में मातृभाषा के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।

गुजरात का प्रेरणादायक उदाहरण

गृहमंत्री ने गुजरात की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने हिंदी और स्थानीय भाषाओं को समान महत्व देकर देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का संदेश

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि भाषा केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम भी है। उन्होंने युवाओं से स्थानीय भाषाओं के सक्रिय उपयोग और संरक्षण में योगदान देने की अपील की।

सम्मेलन में व्यापक भागीदारी

राजभाषा सम्मेलन में केंद्र सरकार के 7,000 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच सामंजस्य और सहयोग को बढ़ावा देना है।

निष्कर्ष: हिंदी दिवस पर गृहमंत्री अमित शाह का यह संदेश देशभर में हिंदी और मातृभाषाओं के संतुलित विकास के लिए एक नई दिशा प्रदान करता है।

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