निफ्टेम-के स्थापना दिवस एवं दीक्षांत समारोह में 262 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ

कुंडली (सोनीपत), 7 अक्टूबर:

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम-के), कुंडली ने आज अपना 6वां दीक्षांत समारोह एवं स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया। इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) के संयुक्त सचिव श्री देवेश देवल, प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BoG), निफ्टेम-के, तथा बिकानो के प्रबंध निदेशक श्री श्याम सुंदर अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।

समारोह का उद्घाटन प्रो. अजय कुमार सूद द्वारा किया गया, जबकि स्वागत भाषण निफ्टेम-के के निदेशक डॉ. एच.एस. ओबेरॉय ने दिया। इस अवसर पर कुल 262 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं — जिनमें 126 बी.टेक, 92 एम.टेक, 27 एम.बी.ए. और 17 पी.एच.डी. छात्र शामिल थे। मुख्य अतिथि प्रो. सूद ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 7 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए और निफ्टेम-के के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि “एआई, रोबोटिक्स, साइबर-फिजिकल सिस्टम्स और क्वांटम कंप्यूटिंग के इस युग में भी मानव की मूलभूत आवश्यकता भोजन ही है।” उन्होंने कहा कि जब दुनिया खाद्य सुरक्षा और पोषण की चुनौतियों से जूझ रही है, तब लगभग 2.6 बिलियन लोग स्वस्थ आहार वहन करने में असमर्थ हैं। यह भारत के लिए एक बड़ी चुनौती के साथ-साथ अवसर भी है, जहाँ विज्ञान, नवाचार और संवेदनशीलता के समन्वय से विश्व को पौष्टिक और सुलभ खाद्य समाधान प्रदान किए जा सकते हैं।

(MoFPI) के संयुक्त सचिव श्री देवेश देवल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दीक्षांत समारोह उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में से एक है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने इस वर्ष निफ्टेम का बजट 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से PMFME योजना जैसी सरकारी पहलों का लाभ उठाकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने का आग्रह किया।

प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा कि निफ्टेम-के तेजी से उस दिशा में अग्रसर है, जहाँ वह खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र का “IIT” बन सके। वहीं श्याम सुंदर अग्रवाल ने विद्यार्थियों से कहा कि भारत की खाद्य उद्योग को “Local for Global” दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का समय आ गया है।

निफ्टम-के के निदेशक डॉ. एच.एस. ओबेरॉय ने बताया कि बीते वर्ष में संस्थान ने 17 पेटेंट दायर किए, 1 पेटेंट प्राप्त किया, 18 प्रौद्योगिकियाँ हस्तांतरित कीं, और 16 नई प्रौद्योगिकियाँ विकसित कीं, 15 रणनीतिक MoUs पर हस्ताक्षर किए तथा 23 नई उद्योग एवं सरकार प्रायोजित परियोजनाएँ स्वीकृत की गईं। निफ्टेम-के के स्टार्टअप इकोसिस्टम के तहत 15 नए स्टार्टअप्स और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला। विशेष रूप से, संस्थान के दो इनक्यूबेटेड स्टार्टअप — मेसर्स रिपीट गुड प्रा. लि. और मेसर्स द नैचुरिक कंपनी — शार्क टैंक इंडिया पर प्रदर्शित किए गए। संस्थान ने ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में भी कार्य करते हुए तमिलनाडु, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की स्थापना में योगदान दिया।

 

यह समारोह निफ्टेम-के की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके माध्यम से संस्थान देश को ऐसे कुशल पेशेवरों, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों से सशक्त बना रहा है जो भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।

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