छठ का महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज की एकता का प्रतीक: PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छठ सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच गहरी एकता का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने विशेष रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठ घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ आता है, जो भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण पेश करता है।


महिलाओं के समर्पण को बताया प्रेरणादायक

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश इन दिनों उत्सव की भावना में डूबा हुआ है और श्रद्धा, स्नेह तथा परंपरा का संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने छठ व्रत रखने वाली महिलाओं की निष्ठा और समर्पण को प्रेरणादायक बताया।


“ऑपरेशन सिंदूर” और स्वदेशी की बात

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। उन्होंने बताया कि एक समय माओवादी आतंक से प्रभावित इलाकों में भी अब खुशी के दीये जलाए जा रहे हैं।
मोदी ने कहा कि लोग अब अपने बच्चों के भविष्य को खतरे में डालने वाले माओवादी आतंक का पूर्ण उन्मूलन चाहते हैं।

त्योहारी सीजन में जीएसटी बचत उत्सव और स्वदेशी वस्तुओं की जोरदार खरीद पर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने बताया कि लोगों ने उनके उस आग्रह पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है जिसमें खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने की बात कही गई थी।


पर्यावरण संरक्षण के प्रेरक उदाहरण

प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी प्रेरक कहानियां भी साझा कीं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चल रहे कचरा कैफे का उदाहरण दिया, जहां लोग प्लास्टिक कचरे के बदले भरपेट भोजन पा रहे हैं।
साथ ही बेंगलुरु के कपिल शर्मा और उनकी टीम की सराहना की, जिन्होंने शहर की झीलों और कुओं का जीर्णोद्धार कर उन्हें फिर से जीवन दिया है।

मोदी ने गुजरात के ढोलेरा और कच्छ में चल रहे मैंग्रोव अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ढोलेरा के तट पर अब साढ़े तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मैंग्रोव फैल चुके हैं, जिससे डॉल्फ़िन, केकड़े और प्रवासी पक्षियों की संख्या में वृद्धि हुई है।


स्वदेशी श्वान और सुरक्षा बलों की तारीफ

पीएम मोदी ने बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि इन श्वानों ने कई मौकों पर अद्भुत साहस दिखाया है — जैसे कि छत्तीसगढ़ में एक स्वदेशी कुत्ते ने आठ किलोग्राम विस्फोटक का पता लगाया था।


सरदार पटेल और एकता दिवस पर विशेष संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पूरे देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा। उन्होंने लोगों से इसमें भाग लेने का आग्रह किया और कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास इस अवसर पर विशेष समारोह भी आयोजित होगा।


संस्कृत और जनजातीय नायकों को किया याद

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने संस्कृत भाषा के पुनर्जागरण पर खुशी जताई और युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर की जा रही पहल की सराहना की। उन्होंने संस्कृत में कंटेंट बनाने वाले कई युवा रचनाकारों के उदाहरण दिए।

उन्होंने आदिवासी नायकों को भी याद किया — कोमाराम भीम और भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके योगदान ने देश की आज़ादी और जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।


“वंदे मातरम” के 150 वर्ष पर गौरव

प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 नवंबर को देश वंदे मातरम गीत के 150वें वर्ष में प्रवेश करेगा।
उन्होंने इस गीत को “शब्दों से परे एक भावना” बताते हुए कहा कि यह भारत की अमर चेतना से जुड़ा है।


एकता, संस्कृति और आत्मगौरव का संदेश

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे त्योहारों को केवल आनंद का अवसर न मानें, बल्कि उन्हें देश की संस्कृति, प्रकृति और समाज को जोड़ने वाली डोर के रूप में देखें।
उन्होंने कहा कि जब लोग दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ते हैं, तो परिवर्तन अवश्य संभव होता है।

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