जयपुर, एच आबिद
राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने सिर्फ धुएं के गुबार ही नहीं उठाए… बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी ‘आग’ भड़का दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के भव्य उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के कुछ ही मिनटों में विपक्ष हमलावर हो गया। नेता प्रतिपक्ष Tikaram Jully ने इसे “गंभीर लापरवाही”, “अधूरी तैयारी” और “जल्दबाज़ी का नतीजा” करार देते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला।
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “दिखावे की मार्केटिंग” में लगी है, जबकि इतनी बड़ी परियोजना की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि जिस रिफाइनरी को कांग्रेस की उपलब्धि बताया जा रहा है, उसे वर्षों तक रोके रखा गया और अब अधूरी स्थिति में जल्दबाजी में उद्घाटन कराया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आग रिफाइनरी के एक यूनिट में लगी, जहां से काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया। मौके पर तुरंत दमकल की गाड़ियां भेजी गईं और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि स्थिति को जल्द काबू में कर लिया गया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या इतनी हाई-प्रोफाइल सुरक्षा के बीच भी यह “बड़ी चूक” थी?
इस घटना ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या रिफाइनरी पूरी तरह तैयार है?
- क्या उद्घाटन के दबाव में सुरक्षा से समझौता हुआ?
- क्या यह सिर्फ हादसा है… या सिस्टम की बड़ी नाकामी?
जहां एक तरफ प्रशासन बचाव में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ सियासत गरमा गई है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या इस ‘आग’ का असर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर पड़ेगा… या फिर सियासी तापमान और बढ़ेगा।
