इम्फाल। मणिपुर में शांति की उम्मीदों पर एक बार फिर हिंसा की आग ने पानी फेर दिया। शुक्रवार तड़के हुए एक भयावह हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। हथियारबंद हमलावरों ने एक गांव पर धावा बोल दिया, अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और कई घरों को आग के हवाले कर दिया। इस हमले में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दहशत में ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए जंगलों की ओर भागते नजर आए।
सुबह होने से पहले बरपा कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब गांव के लोग गहरी नींद में थे, तभी गोलियों की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा। अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार अपने घरों से निकलकर अंधेरे जंगलों में छिपने को मजबूर हो गए। हमलावरों ने कई मकानों में आग लगा दी, जिससे देखते ही देखते लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
मौत, आग और दहशत का मंजर
हमले के बाद गांव में हर तरफ चीख-पुकार और धुएं का गुबार दिखाई दिया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें एक महिला भी शामिल है। कई घर जलकर राख हो गए और ग्रामीणों के सामने सिर छुपाने तक का संकट खड़ा हो गया।
फिर बढ़ा तनाव
मणिपुर पिछले कई वर्षों से जातीय हिंसा और तनाव की मार झेल रहा है। ताजा हमले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली के प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है और हमलावरों की तलाश में अभियान शुरू कर दिया है।
खौफ के साये में जिंदगी
हमले के बाद गांव के कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। जिन घरों में कल तक चूल्हे जलते थे, वहां अब सिर्फ राख और सन्नाटा बचा है। लोगों का कहना है कि वे रातभर गोलियों की आवाज और जलते घरों की भयावह तस्वीरें नहीं भूल पा रहे हैं।
फिलहाल सुरक्षा बल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, लेकिन इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मणिपुर में शांति की राह अभी भी बेहद कठिन और लंबी है।
