UP के वाराणसी में ट्रैफिक सिग्नल पर ग्रीन नेट, सड़कों पर भी गर्मी से बचाव के इंतजाम
देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। करीब तीन-चौथाई भारत लू की गिरफ्त में है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के 14 शहरों में तापमान 44°C के पार पहुंच चुका है—इनमें वाराणसी, आगरा, रोहतक, बाड़मेर और अकोला जैसे शहर शामिल हैं।
दिल्ली में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को तापमान 42.8°C तक पहुंच गया, जो इस साल का सबसे गर्म दिन रहा। हालात को देखते हुए राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में खास हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है, जहां कूलिंग टब, बर्फ बनाने की मशीनें और आइस पैक जैसी सुविधाएं रखी गई हैं।
उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में रेड अलर्ट जारी है, जबकि ओडिशा, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी लू का असर दिख रहा है। इससे पहले प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 45.2°C तक पहुंच गया।
सरकारें अलर्ट मोड में
तेज गर्मी को देखते हुए कई राज्यों ने सख्त कदम उठाए हैं:
- यूपी के कुछ जिलों में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक
- ओडिशा में स्कूल बंद करने का फैसला
- केरल में दोपहर के समय घर में रहने की सलाह
- कर्नाटक में सभी अस्पतालों में हीटस्ट्रोक यूनिट अनिवार्य
- मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में स्कूलों की छुट्टी
साफ है, इस बार गर्मी सिर्फ असहज नहीं, बल्कि खतरनाक बन चुकी है—और इससे बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
