टोरंटो/वैंकूवर: कनाडा में एक बार फिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा नेटवर्क सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर किए गए दावों में बिश्नोई गैंग ने हालिया फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि “हमारा तरीका शायद गलत लगे, पर हमारा इरादा गलत नहीं है।”
गैंग से जुड़े बताए जा रहे अकाउंट ‘फतेह पुर्तगाल’ ने पोस्ट में दावा किया कि वे अब ‘नवी तेसी’ नाम के शख्स के “पीछे” हैं, जिस पर बिश्नोई के नाम पर 5 मिलियन की जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है। पोस्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में नवी तेसी से जुड़ी लोकेशंस को निशाना बनाया गया। (लोकेशन-विशेष यहाँ जानबूझकर प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं।)
“जो मेहनत से कमाते हैं, उनसे हमारी दुश्मनी नहीं”
दावे में कहा गया कि मेहनती नागरिक और कारोबारियों से गैंग की कोई दुश्मनी नहीं—लेकिन “गलत खबरें फैलाने वालों” को चेतावनी दी गई कि आगे किसी नुकसान की जिम्मेदारी “उनकी अपनी” होगी। गैंग ने कनाडा में वसूली और शूटिंग से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अपने “कंट्रोल” में लेने की बात भी कही।
पृष्ठभूमि: बिश्नोई गैंग और विवादों की फाइल
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (जन्म 12 फरवरी 1993, फाजिल्का, पंजाब; असली नाम बलकरन बराड़) का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़ चुका है—जिनमें गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, सलमान खान को धमकी जैसे मामलों का उल्लेख होता रहा है। फिलहाल वह गुजरात के अहमदाबाद-स्थित साबरमती जेल में बंद है।
हाल के समय में विदेशी एजेंसियों और सरकारों ने भी उसके नेटवर्क को लेकर कड़ी रुख-सख्ती दिखाई है। भारत में इसके सैकड़ों सक्रिय सदस्य होने और डकैती, जबरन वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में संलिप्तता के आरोप लगते रहे हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियों की चुनौती
कनाडा में हुई ताजा फायरिंग के वास्तविक टाइमलाइन, लोकेशंस और संख्या का आधिकारिक ब्योरा स्थानीय एजेंसियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। उधर, प्रवासी समुदाय में दहशत और कारोबारी संगठनों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रांस-नैशनल गैंग क्राइम पर काबू पाने के लिए पुलिस, साइबर-सेल और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच ज्यादा समन्वित कार्रवाई की जरूरत है।
