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Donald Trump ने AI को लेकर जताई गंभीर चिंता, तुरंत नियंत्रण तंत्र की उठाई मांग
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बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा, गलत इस्तेमाल से बड़े हमलों की चेतावनी
जावेद अख़्तर (डिजिटल एंड साइबर डेस्क)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि AI के लिए एक “किल स्विच” होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे तुरंत बंद किया जा सके।
ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक भविष्य में मानवता के लिए खतरा बन सकती है, यदि इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया। उनका मानना है कि सरकारों को AI के उपयोग पर सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से बैंकिंग और साइबर सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि AI का गलत इस्तेमाल वित्तीय प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है और बड़े स्तर पर साइबर हमलों को अंजाम दिया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि सही दिशा में उपयोग होने पर AI बैंकिंग क्षेत्र को और अधिक सुरक्षित बना सकता है।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में AI की ताकत और इसके संभावित खतरों को लेकर बहस तेज हो रही है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि उन्नत AI सिस्टम्स का दुरुपयोग बड़े साइबर खतरों को जन्म दे सकता है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
Mythos को लेकर क्या चिंता?
Anthropic का मॉडल इतना पावरफुल है कि कंपनी ने इसे अभी तक पब्लिक के लिए रोलआउट नहीं किया है. एंथ्रोपिक ने अभी लगभग 40 कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है, जो इस मॉडल को टेस्ट करेगी. यह मॉडल सॉफ्टवेयर में छिपे बग्स को ढूंढ सकता है. अब OpenAI ने भी इसके मुकाबले में एक नया GPT-5.4-Cyber मॉडल लॉन्च किया है, जो साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल की मदद के लिए लाया गया है. यह प्रोटेक्शन के साथ-साथ एक्सप्लोयटेशन के लिए भी यूज हो सकता है. इस कारण कंपनी ने इसकी एक्सेस को लिमिटेड रखा है. कंपनी के Trusted Access for Cyber (TAC) प्रोग्राम के तहत इस एआई मॉडल को खरीदने वाले यूजर्स की पहले पहचान की जाएगी.
एआई को लेकर लगातार सामने आ रहीं वॉर्निंग
एआई में तेजी से हो रहे विकास को लेकर वॉर्निंग देने वाली ट्रंप अकेले व्यक्ति नहीं है. एआई के गॉडफादर कहे जाने वाले कनाडा के कंप्यूटर साइंटिस्ट योशुआ बेंगियो भी ऐसी चेतावनी दे चुके हैं. उनका मानना है कि एआई इंसानी कंट्रोल से बाहर होना शुरू हो गई है. अब एआई कंपनियों को अपने मुनाफे से ज्यादा सेफ्टी पर ध्यान देने की जरूरत है.
